Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan Free Download 2021

Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan Free Download

दोस्तों क्या आप तरुण सागर Maharaj Kadve Pravachan को जानना चाहते हैं। या उनके प्रवचन को फ्री में डाउनलोड (Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan Free Download) करना चाहते हैं तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन और तरुण सागर के बारे में डिटेल्स में पड़ेंगे। आर्टिकल को एंड तक पढियेगा।

Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan

Tarun Sagar Maharaj ka jeevan prichayi

जैन मुनि तरुण सागर का जन्म 26 जून, 1967 को मध्य प्रदेश के दहोह जिले में हुआ था। जैन मुनि तरुण सागर का बचपन का नाम पवन जैन था। जैन धर्म की दीक्षा लेने के बाद 8 मार्च, 1981 को उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था और एक मुनि का जीवन अपना लिया था। दिगम्बर जैन मुनि तरुण सागर अपने उपदेशों ‘कड़वे वचन’ के लिए काफी प्रसिद्ध हैं।

जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली. दरअसल, उन्हें पीलिया हुआ था, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है उनपर दवाओं का असर होना बंद हो गया था.

Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan Free Download

दोस्तों क्या आपको पता है कड़वे प्रवचन देने के लिए जाने जाते थे जैन मुनि तरुण सागर महाराज जी। और उन्होंने बहुत अच्छे अच्छे प्रवचन दिये हैं जिन से आप अपने जीवन को बदल सकते हैं।

  • जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीख लो। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीने के लिए सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है।

 

  • जो तुम्हारा बुरा करता है और बुरा सोचता है उस के प्रति भी तुम कल्याण का भाव रखना है और उसको माफ़ कर दो। कारण यह है कि वह किसी जन्म का तुम्हारा ही भाई होगा। सोचो अपने दांत से यदि जीभ कट जाती है तो क्या आप अपने दांत को तोड़ डालते हो। नहीं ना। तो फिर क्यों किसी के साथ गलत करते हो।

 

  • जिनकी बेटी ना हो उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए और जिस घर में बेटी ना हो वहां शादी ही नहीं करनी चाहिए। जिस घर में बेटी ना हो उस घर से साधु-संतों को भिक्षा भी नहीं लेनी चाहिए।

 

  • शादी करना है तो जागते हुए करो। परिजनों की मर्जी को दरकिनार कर घर से भागने की प्रवृत्ति आपके जीवन को अंधकारमय बना सकती है।

 

  • सच्ची नींद और सच्चा स्वाद चाहिये तो पसीना बहाना मत भूलिये। बिना पसीने की कमाई पापा की कमाई है।

तरुण सागर जी कड़वे प्रवचन – Tarun Sagar ji ke Kadve Pravachan in Hindi

हमेसा हल हाल में मुस्कुराने की आदत डाल लो तो जीवन सत्यम शिवम् बन जायेगा। औरो की मदद करे, बिना फ़ायदा के। और मिलना जुलना सीखिए बिना मतलब के. जीवन जीना सीखिए बिना दिखावा के। और मुस्कुराना सीखिए बिना सेल्फी के।

अगर कोई हँसता हुआ जानवर दिख जाये तो समझ लेना वो इंसान होने वाला है और अगर कोई इंसान हंसी की बात पर भी न हसे तो समझ लेना वह वो बनने वाला है।

अपना तन-मन अपने परिवार को देना चल जायेगा। अपना धन सगे सम्बन्धियों को देना चल जायेगा। लेकिन अपना दिल ईश्वर के सिवाए किसी को मत देना।

मोबाइल के बड़ी माया है। सब ख़त्म कर दिया। घडी, टार्च, कैलेंडर, कैमरा, चिठ्ठी पत्री, जिंदगी का सुकून सब ख़त्म और बीबी के हाँथ लग गया तो आप भी ख़त्म।

आदमी की औकात एक मुट्ठी राख से ज्यादा नहीं है पर अपने को चक्रवर्ती का बाप समझता है – एक माचिस की चिल्ली, एक लोटा घी, लकड़ियों के ढेर पर कुछ घंटे में बस राख बस इतनी सी है आदमी की औकात।

जीवन में परिवर्तन कब आएगा ? जीवन में परिवर्तन तब आयेगा जब आप बदलेंगे। सामने वाला नहीं बदलने वाला। आपको बदलना होगा। आपकी पत्नी नहीं बदलेगी आपको बदलना होगा। आपका पति नहीं बदलेगा आपको बदलना होगा। आपके पडोसी नहीं बदलेंगे आपको बदलना होगा। जो प्रकृति ने दिया वो दे दिया। हम अपने चेहरे का रंग तो नहीं बदल सकते पर अपने जीने का ढंग तो बदल सकते हैं।

जनीति को धर्म से ही हम नियंत्रित करते हैं। अगर धर्म पति है तो राजनीति पत्नी। जिस तरह अपनी पत्नी को सुरक्षा देना हर पति का कर्तव्य होता है वैसे ही हर पत्नी का धर्म होता है कि वो पति के अनुशासन को स्वीकार करे। ठीक ऐसा ही राजनीति और धर्म के बीच होना चाहिए। क्योंकि बिना अंकुश के हर कोई बेलगाम हाथी की तरह होता है।

Jain muni ke Pravachan – तरुण सागर कड़वे प्रवचन डाउनलोड

  •  तरुण सागर जी ने कहा था कि लक्ष्मी की पूजा तो करना मगर लक्ष्मी पर भरोसा मत करना, क्योंकि लक्ष्मी स्थिर नहीं है। ऐसे ही उन्होंने कहा था कि भगवान की पूजा भले ही मत करना, लेकिन भगवान पर भरोसा हर-हाल में रखना। क्योंकि वह सदैव अपने भक्त का ध्यान रखते हैं।

 

  • तरुण सागर ने कहा था कि ‘तुम्हारी वजह से जीते जी किसी की आंखों में आंसू आए तो यह सबसे बड़ा पाप है। लोग मरने के बाद तुम्हारे लिए रोए, यह सबसे बड़ा पुण्य है।’

 

  •  अपना तन-मन अपने परिवार को देना चल जायेगा। अपना धन सगे सम्बन्धियों को देना चल जायेगा। लेकिन अपना दिल ईश्वर के सिवाए किसी को मत देना।

 

अपने आप हमेशा कुछ नहीं मिलता है – Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan

गाय दूध देती है और निकलना पड़ता है। ऐसे ही जीवन में महान कार्य अपने आप नहीं होते हैं उन के लिए प्रयास करना होता है। जब सम्मेद सिखर या विष्णु देवी माता की यात्रा के लिए सत्तर साल की कोई बूढी माँ या सात साल का बच्चा ऊपर चढ़ता है तो उनकी नजरे सीधे ऊपर रहती है। वे न तो नीचे देखते हैं और न ही पीछे। इसलिए जिंदगी की विकास यात्रा को ऊंचाई प्रदान करने के लिए ऐसे ही महनत की जरुरत होती है।

Tarun Sagar Maharaj Quotes in Hindi

एक चीज एफ रखिये। मृत्यु की सामग्री तैयार होती है। कफ़न भी तैयार है बस बोलना और बाजार से लाना की देरी है बांस और मुंज भी तैयार है बस आवाज लगाने की देरी है। उठाने और जलाने वाले भी तैयार है, बस खबर करने की दरी है। जलाने की जगह भी तैयार है। बस आर्थी उठाने की देरी है।

रोने वाले भी तैयार बैठे हैं। मृत्यु की सारी सामग्री तैयार होती है अतः अस्थियां बिखरें से पहले जीवन में आस्था पैदा कर लेना और चिंता जलने से पहले अपनी चेतना को जगा लेना। बस जीवन सार्थक हो जायेगा।

Tarun Sagar Thoughts in Hindi – Tarun Sagar के अनमोल विचार

दोस्तों Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan या Tarun Sagar Thoughts या आप तरुण सागर महाराजा के बिचार कहे सकते हैं लेकिन उन्होंने जो भी बताया है एक दम सही बतया है।

  • जिंदगी में आप कितने दुःख या परेशानी में आये तो चुप चाप ही जीना। अपने दुःख दर्द परेशानी किसी को भी मत बताना क्यकि की वो लोग डॉक्टर नहीं है जो तुम्हारी परेशानी का हल निकाले। दोस्तों यह दुनिया बहुत जालिम है दोस्तों तुम्हारी सारी दुःखो को पूछोगे और फिर हंस हंस कर दुनिया को बताती फिरेंगे। क्युकि दुनिया जख्मो पर नामक डालती है। दुःख और परेशानी आये तो घबराना मत क्युकी दूध के फटने से वे ही दुखी होते हैं जिन्हे छेना बनाना नहीं आता है

Kadve Pravachan – Part 4 by Jain Muni Tarun Sagar Ji Maharaj – Hindi

  • दोस्तों अगर पुत्र सेवा करे तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। क्युकी वह सेवा करेगा ही वह आखिर तम्हारी ही खून होता है लेकिन यदि पुत्रवधु सेवा करे तो यह आश्चर्य की बात है वह तो न जान पहचान और दूर दूर तक का भी खानदान का खून नहीं होता है।फिर भी सेवा कर रही है तो निश्चित है यह की तुम्हारे किसी जन्म का पुण्य फल है आज के समय में और सब तरह के पुण्य भोगना बहुत सारे लोगो की किस्मत में है। लेकिन पुत्र और पुत्र वधू की सेवा के पुण्य को भोगना विरले ही मां-बाप के भाग्य में है।

Youtube Video- Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan Free Download

निष्कर्ष:

दोस्तों कैसा लगा आपको आर्टिकल पढ़ने में। उम्मीद करता हु अच्छा लगा होगा और Tarun Sagar Maharaj Kadve Pravachan Free Download और तरुण सागर महाराजा जी के आप कड़वे प्रवचन को पढ़ सकते हैं।

उन्होंने अच्छे अच्छे प्रवंचन दिए हैं जिन से हमारी लाइफ बदल सकती है तरुण सागर जी के बहुत सारे प्रवचन हैं जिस से हम सब लोगो को एक अच्छी सीख मिलेगी। तो दोस्तों अगर आपको तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन अच्छे लगे तो जरूर अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये।

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